चुनाव को लेकर सिरोही जिले में धारा 163 लागू, हथियारों के प्रदर्शन और भड़काऊ प्रचार पर रोक

अन्तर्गत धारा 163 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता

सिरोही, 19 अगस्त। राज्य निर्वाचन आयोग, जयपुर द्वारा 19 अगस्त को घोषित कार्यक्रम अनुसार नगरपालिका आम चुनाव 2026 में जिले के समस्त नगरीय निकायों के आम चुनाव सम्पन्न होने जा रहे है, इस परिपेक्ष्य में यह आवश्यक है कि इस आम चुनाव समस्त नगरीय निकायों क्षेत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्वक हो और क्षेत्र में निवास करने वाले आम नागरिको के जीवन व लोक शांति के लिये कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। सभी वर्गों के मतदाता निर्भीक होकर मताधिकार का उपयोग कर सकें। इसकी सुनिश्चितता के लिए समस्त नागरिकों के आचरण को अनुशासित रखा जाना आवश्यक हो गया है।

जिला मजिस्ट्रेट की राय में प्राप्त सूचना के आधार पर इस बात के पर्याप्त कारण है कि नगरीय निकाय आम चुनाव की प्रक्रिया के दौरान लोकशांति के भंग होने का पूर्ण अंदेशा है, जिसके फलस्वरूप जन जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है।

जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट रोहिताश्व सिंह तोमर ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशो एवं सभी परिस्थितियों पर विचार कर पूर्णतया संतुष्ट होकर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिले की समस्त नगरीय निकाय क्षेत्रों में जन साधारण की सुरक्षा, स्वतन्त्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में चुनाव सम्पन्न करवाये जाने के लिए एक तरफा आदेश जारी किए गए हैं।

जिले की समस्त नगरीय निकाय सीमा क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ, आग्नेशस्त्र-जैसे रिवॉल्वर, पिस्टल, एम.एल.गन, आदि व तेजधार वाले हथियार जैसे-गण्डासा, फरसा, तलवार, भाला, लाठी, चाकू, करपाण, बरछी, तीर-कमान, आदि को लेकर सार्वजनिक स्थानो, सभाओ, जुलूस व बाहनों आदि को लेकर नहीं घूमेगा न ही इसका प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री या अत्यन्त ज्वलनशील विस्फोटक पदार्थ एवं घातक रासायनिक पदार्थ लेकर नहीं चलेगा।

सिरोही जिले के बाहर का कोई व्यक्ति नगरपरिषद्/नगरपालिका क्षेत्र में उपरोक्त किस्म के हथियार को अपने साथ नही लायेगा, न ही सार्वजनिक स्थानो पर प्रयोग एवं प्रदर्शन कर सकेगा।

यह आदेश सीमा सुरक्षा बल, चुनाव डयूटी में तैनात अर्द्ध सैनिक बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस, होम गार्ड एवं उप राज्य एवं केन्द्रीय कर्मचारियों तथा मतदान दली में तैनात कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा जो कि कानून व्यवस्था के लिये अपना कर्तव्य निर्वाह कर रहे हो। सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परम्परा के अनुसार विषयान्तर्गत निर्धारित करपाण रखने की छूट होगी। दोयम ये व्यक्ति जो निःशक्तजन या अति वृद्ध है, जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते है, लाठी का प्रयोग सहारा लेने हेतु कर सकेंगे।

कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुँचाने वाले उत्तेजनात्मक नारे नही लगायेगा, न ऐसे पेम्पलेट छपवायेगा और न ही वितरण करेगा तथा न ही ऐसे अॅडिया-विडियो कैसेट के माध्यम से ऐसा कोई भाषण या उद्बोधन देगा एवं प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवायेगे। ऐसे कृत्यों के लिये न ही किसी को दुष्प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति या संस्था इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया यथा फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सप, यूट्यूब आदि के माध्यम किसी प्रकार का धार्मिक उन्माद, जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नहीं करेगा।

राजनैतिक दलों तथा अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए लगाये जाने वाले विज्ञापन पट्ट, होर्डिंग्स-बैनर्स, पोस्टर इत्यादि स्थानीय निकायों द्वारा इस प्रयोजनार्थ चिन्हित किये गये पर ही प्रचार सामग्री निर्धारित शुल्क जमा कराने तथा अनुमति प्राप्त करने के उपरान्त लगाये जा सकेंगे।

कोई भी व्यक्ति किसी के समर्थन या विरोध में सार्वजनिक एवं राजकीय सम्पतियों पर किती तरह का नारा लेखन या प्रतीक चित्रण नहीं करेगा और न ही किसी तरह के पोस्टर /होर्डिंग आदि लगायेगा और न ही सार्वजनिक एवं राजकीय सम्पत्तियो का विरूपण करेगा।

कोई भी व्यक्ति राजस्थान पुलिस एक्ट 2007 की धारा 44 के तहत पुलिस विभाग के सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना जुलूस, रैली, आगसभा एवं धरना आधीजन नहीं कर सकेगें। ऐसे आयोजनों में ऐसा कोई कृत्य नहीं करेगा जिससे यातायात व्यवस्था, लोक व्यवस्था एवं जन शान्ति विक्षुब्ध हो। यह प्रतिबन्ध बारात या शव यात्रा पर पर लागू नहीं होगा।
कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्रों का उपयोग नहीं कर सकेगा। विशेष परिस्थितियों में ध्वनि प्रसारण यंत्रों की अनुमति सम्बन्धित उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा सुबह 6.00 बजे से रात्रि 10.00 बजे तक दी जा सकेगी।

कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान पर मदिरा का सेवन नहीं करेगा। और न ही अन्य किसी को रोवन करवायेंगा। मतदान एवं मतगणना दिवस के दौरान सूखा दिवस रहेगा। सूखा दिवस पर मदिरा पूर्णतया विक्रय प्रतिबंध रहेगा।
चुनाव प्रचार या प्रसार हेतु निषेधाज्ञा के बाद चुनाव प्रचार-प्रसार के लिये निर्धारित सीमा से अधिक बाहनो का काफिला नहीं रख सकेंगे, रिटर्निंग अधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति के बिना कोई व्यक्ति किसी प्रकार के वाहन का चुनाव के लिये उपयोग नहीं कर सकेगा। सक्षम अधिकारी की लिखित पूर्व अनुमति के बिना किसी भी वाहन पर लाउडस्पीकर नही लगाया जायेगा।
कोई भी राजनैतिक दल मदिरों, मस्जिदों, गिरजाघरों, गुरुद्वारों या अन्य धार्मिक स्थानों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए नहीं कर सकेंगे।
चूंकि विद्यमान परिस्थितियों में इस आदेश की व्यक्तिशः पालना कराया जाना संभव नहीं है।
अतः एक पक्षीय आदेश जारी किया जाता है। इस आदेश की अवहेलना करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अन्तर्गत दंडनीय होगा।
यह आदेश आज दिनांक 19.08.2026 से तत्काल लागू होकर दिनाक 15.09.2026 की मध्य रात्रि तक प्रभावशील होगा।

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