सिरोही में अवैध धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग; 'एकल अभियान' ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 6 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी



**सिरोही में अवैध धर्मांतरण गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग; 'एकल अभियान' ने जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, 6 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी


सिरोही
जिले के विभिन्न जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पैर पसार रही अवैध धर्मांतरण की गतिविधियों पर रोक लगाने और दोषी तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर एकल अभियान अंचल सिरोही के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि इस संवेदनशील मुद्दे पर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आगामी 6 जुलाई 2026 से जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर समस्त समाज के साथ मिलकर अनिश्चितकालीन पड़ाव (धरना) शुरू किया जाएगा।


भोले-भाले समाज को प्रलोभन देकर सनातन संस्कृति तोड़ने का कुत्सित प्रयास

जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में एकल अभियान के पदाधिकारियों ने बताया कि विगत कुछ समय से सिरोही जिले सहित इसके आस-पास के क्षेत्रों में धर्म-विरोधी तत्वों और मिशनरियों द्वारा स्थानीय भोले-भाले जनजाति समाज का बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का काम किया जा रहा है। जनजाति आदिवासी समाज के लोगों को भ्रामक प्रचार, और तरह-तरह के हथकंडों द्वारा देकर गैरकानूनी तरीके से धर्मांतरित करने का खेल चल रहा है।


संगठन ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि जनजाति समाज आदि काल से सनातन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। इस प्रकार की अवैध गतिविधियां हमारी पारंपरिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा प्रहार हैं, जिससे स्थानीय समाज में गहरा रोष व्याप्त है।


 इन क्षेत्रों को बताया अत्यधिक संवेदनशील (प्रभावित इलाके):


ज्ञापन में प्रशासन को जिले के उन प्रमुख स्थानों की सूची भी सौंपी गई है, जहाँ ये गतिविधियां सबसे ज्यादा सक्रिय हैं:

 शिवगंज तहसील:-कलदरी गांव।

 पिंडवाड़ा तहसील:- ठंडी बेरी पंचायत क्षेत्र,अल्ट्राटेक कंपनी के पास, चितरीया फली (भुला), मुरी गांव के आस पास का क्षेत्र, कुडाल , साबेला, मोरस (चीनिया बांध) एवं इसरा ग्रामीण।

 आबूरोड:- कुई, खारा, भैंसासिंह, आम्बा, पिपर भात, बोरधनी, डेरी, जलोइया फली (सियावा), माता फली (सियावा) और खेजड़ा।

 रेवदर तहसील: - करोटी और उसके आस-पास का इलाका।
एकल अभियान की प्रमुख मांगें:

 1.अवैध गतिविधियों पर प्रतिबंध:- प्रलोभन और भ्रम फैलाकर धर्मांतरण कराने वाली ताकतों और संस्थाओं को तुरंत चिन्हित कर उनकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

 2. साजिशकर्ताओं पर सख्त कार्रवाई: गरीब एवं भोले वाले आदिवासियों को बरगलाने वाले एवं भ्रमित कर माहौल को बिगाड़ने वाले दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

 3. प्रशासनिक निगरानी की रखी मांग - भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीण व संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान यह रहे उपस्थित:-

इस अवसर पर एकल अभियान के संभाग सचिव रेवाशंकर रावल, अंचल अध्यक्ष रामेश्वर सोनी, ग्रामोत्थान अंचल अध्यक्ष सावरमल अग्रवाल, संच अध्यक्ष सुभाष जोशी, केसर सिंह रेवदर, प्रदीप सोनी सिरोही, चन्द्रभान मोटवानी सिरोही, भरत रावल मांकरोडा, गतिविधि प्रमुख भगाराम, अंचल अभियान प्रमुख चौपाराम आपरीखेड़ा, अंचल प्रशिक्षण प्रमुख हंसाराम तथा युवा प्रमुख अतुल रावल सहित अंचल समिति, संच समिति, अंचल टोली के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

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