सिरोही में एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान को लेकर विभागीय बैठक आयोजित, ब्लॉक स्तर तक सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश
सिरोही, 17 अप्रैल 2026।
जिले में एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एनीमिया स्टेट प्रोग्राम मैनेजर डॉ. मोल श्री राठौड़ ने की। इसमें चिकित्सा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा शिक्षा विभाग (माध्यमिक/प्राथमिक) के अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया।
बैठक में एनीमिया मुक्त भारत/राजस्थान कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा करते हुए अभियान को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि ब्लॉक स्तर पर नियमित रूप से बीसीसीएम (Block Convergence committee Meeting) आयोजित की जाएगी, जिससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। विद्यालयों में बच्चों के लिए आयरन फोलिक एसिड (IFA) की गुलाबी एवं नीली गोलियों की मांग का आकलन हर तीन माह में अनिवार्य रूप से करने और उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
चिकित्सा विभाग को सीएचसी, पीएचसी और उपकेंद्र स्तर तक IFA दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने तथा विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों तक समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पीसीटीएस पोर्टल और शाला दर्पण पर समयबद्ध व शुद्ध रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में “शक्ति दिवस” के प्रभावी आयोजन, ब्लॉक स्तर पर लक्ष्य निर्धारण, गूगल फॉर्म के माध्यम से रिपोर्टिंग तथा प्रत्येक ब्लॉक पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। IFA डेटा, PCTS रिपोर्टिंग और शाला दर्पण से प्राप्त आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर कार्यक्रम को और अधिक सुदृढ़ बनाने की रणनीति पर चर्चा की गई।
स्टेट प्रोग्राम मैनेजर डॉ मोल श्री राठौड़ ने सभी अधिकारियों कों बताया कि बच्चों में अनेमिया समाप्त करने के लिए बचपन से ही माता पिता को कोशिश करनी होगी । छह माह से ही घर में बना खाना खिलाना चालू करे । बाज़ार से बना डब्बा पैक खाना नहीं खिलावे जिससे बचपन से ही बच्चे में खून की कमी ना रहे एवं बच्चे के दिमाग़ एवं शरीर का विकास हो सके । जो बच्चे एनीमिया से ग्रसित है उनको सिरप या गोली खिलाना सुनिश्चित करे ।
संभागीय समन्वयक श्री डूंगर सिंह धवला ने कहा कि एनीमिया मुक्त राजस्थान अभियान एक बहु-विभागीय प्रयास है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें और जमीनी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग हो, तो जिले में एनीमिया की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य आधारित कार्य करते हुए रिपोर्टिंग व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने अपने संबोधन में कहा कि एनीमिया मुक्त अभियान राज्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इसे सफल बनाने के लिए हर स्तर पर गंभीरता से कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि IFA दवाओं की उपलब्धता, समयबद्ध वितरण और सही रिपोर्टिंग इस अभियान की सफलता की कुंजी है।
अंत में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समन्वित प्रयासों से ही जिले को एनीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।