सांसद लुंबाराम चौधरी ने लोकसभा में उठाई माउंट आबू के जल संकट की गंभीर समस्या
दिल्ली, 11 मार्च। जालौर-सिरोही लोकसभा सांसद लुंबाराम चौधरी ने आज संसद में धारा 377 के तहत माउंट आबू के पेयजल संकट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अपर कोदरा बांध और लोअर कोदरा बांध से जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन ये दोनों जलस्रोत पर्याप्त नहीं हैं।
112 एमसीएफटी पानी की जरूरत, लेकिन उपलब्धता केवल 41 एमसीएफटी
सांसद चौधरी ने बताया कि माउंट आबू शहर की कम से कम 112 एमसीएफटी पानी की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में सिर्फ 41 एमसीएफटी जल संग्रहण की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में यदि मानसून सामान्य नहीं रहता तो क्षेत्र में भीषण जल संकट उत्पन्न हो जाता है।
भविष्य में माउंट आबू खाली करने जैसी स्थिति संभव
उन्होंने कहा कि माउंट आबू में भूमिगत जल की भीषण कमी है, जिससे कुओं और हैंडपंपों का जल स्तर लगातार गिर रहा है। यदि जल्द ही कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो भविष्य में माउंट आबू को खाली करने जैसी भयावह स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
सालगांव परियोजना जल्द शुरू करने की मांग
सांसद चौधरी ने सरकार से आग्रह किया कि माउंट आबू के जल संकट को दूर करने के लिए सालगांव जल परियोजना को जल्द से जल्द शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना इस क्षेत्र के लोगों के लिए जीवन रेखा साबित होगी और जल संकट को स्थायी समाधान प्रदान कर सकती है।
जल संकट पर केंद्र सरकार से त्वरित कार्रवाई की अपील
सांसद ने लोकसभा में इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए जल शक्ति मंत्रालय और केंद्र सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि माउंट आबू के नागरिकों को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।