जिला स्तरीय बैकर्स समीक्षा एवं समन्वय समिति की बैठक हुई आयोजित
सिरोही, 18 मार्च। आत्मा सभागार में दिसम्बर तिमाही की जिला स्तरीय बैंकर्स समीक्षा एवं समन्वय समिति बैठक जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के समस्त बैंकर्स, उनके नियंत्रक अधिकारी एवं विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।
जिला कलेक्टर ने जिले के साख अनुपात को भारतीय रिजर्व बैंक के मानक अनुसार 60 फीसदी करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं में लंबित आवेदन पत्रों का निस्तारण कर शीघ्र करने के लिए सभी बैंकर्स को निर्देश दिए।
बैठक में अनुपस्थित बैंकर्स को जिला कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध कठोर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित को दिए। आरबीआई के गौरव धुत ने जिले के साख अनुपात को बढ़ाने के लिए अधिकाधिक ऋण प्रदान करने की आवश्यकता बताई। इसी के साथ उन्होंने साइबर धोखाधड़ी तथा आईटीआई, कॉलेज एवं मनरेगा इत्यादी में वित्तीय साक्षरता के कार्य कलापों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद उद्योग उन्नयन योजना में जिले को आवंटित 119 के लक्ष्यों के विरुद्ध अब तक मात्र 4 इकाई को ही ऋण स्वीकृत करने पर जिला कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए बैकर्स को निर्देश दिए कि वे इसी वित्तीय वर्ष में यानि 31 मार्च 2025 तक लक्ष्य को पूरा करना सुनिश्चित करें। एसबीआई के लंबित ऋण आवेदन पत्रों के बारे में सहायक महा प्रबंधक मनीष भारद्वाज ने शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।
जिला कलक्टर ने जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक सहीराम विश्नोई, राजीविका अधिकारी अम्बिका राणावत, महिला अधिकारिता सहायक निदेशक अंकिता राजपुरोहित, अनुजा निगम से मंजुलता, सीएफएल से मुमताज, एफएलसी दिनेश खंडेलवाल, नरेन्द्र दाना, एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों कोे लम्बित प्रकरणों की जानकारी लेकर कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर से इसलिए निर्धारित समय में बकाया प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के रीजनल मैनेजर हितेश राजपुरोहित ने सामाजिक सुरक्षा योजना के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकाधिक लोगो को सामाजिक सुरक्षा योजना में जोड़ने की बात कहीं जबकि डीडीएम् नाबार्ड डॉ दिनेश प्रजापति ने संस्थागत जमा को कुल जमा से हटाकर साख अनुपात की गणना के लिए सुझाव दिया।
लीड बैंक अधिकारी उम्मेद राम मीणा ने सभी बैंकर्स को बेहतर ग्राहक सेवा प्रदान करते हुए सभी लंबित ऋण आवेदन पत्रों का निस्तारण आरबीआई के मानक तय समय सीमा में करने का आव्हान किया साथ ही सीएफएल एवं एफएलसी को वित्तीय साक्षरता के बारे में लोगो को जागरूक करने की बात कहीं।
बैठक में जिले की वार्षिक साख योजना रूपये 2947.81 करोड़ 2025-26 का अनुमोदन किया एवं शहर में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की दोनों शाखाओ का विलय व राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक मालगांव शाखा को नागाणी गाँव में शिफ्ट करने की अनुमति की बात कहीं।

सिरोही, 18 मार्च। आत्मा सभागार में दिसम्बर तिमाही की जिला स्तरीय बैंकर्स समीक्षा एवं समन्वय समिति बैठक जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के समस्त बैंकर्स, उनके नियंत्रक अधिकारी एवं विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारियों ने भाग लिया।
जिला कलेक्टर ने जिले के साख अनुपात को भारतीय रिजर्व बैंक के मानक अनुसार 60 फीसदी करते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं में लंबित आवेदन पत्रों का निस्तारण कर शीघ्र करने के लिए सभी बैंकर्स को निर्देश दिए।
बैठक में अनुपस्थित बैंकर्स को जिला कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए उनके विरुद्ध कठोर नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित को दिए। आरबीआई के गौरव धुत ने जिले के साख अनुपात को बढ़ाने के लिए अधिकाधिक ऋण प्रदान करने की आवश्यकता बताई। इसी के साथ उन्होंने साइबर धोखाधड़ी तथा आईटीआई, कॉलेज एवं मनरेगा इत्यादी में वित्तीय साक्षरता के कार्य कलापों के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद उद्योग उन्नयन योजना में जिले को आवंटित 119 के लक्ष्यों के विरुद्ध अब तक मात्र 4 इकाई को ही ऋण स्वीकृत करने पर जिला कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए बैकर्स को निर्देश दिए कि वे इसी वित्तीय वर्ष में यानि 31 मार्च 2025 तक लक्ष्य को पूरा करना सुनिश्चित करें। एसबीआई के लंबित ऋण आवेदन पत्रों के बारे में सहायक महा प्रबंधक मनीष भारद्वाज ने शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।
जिला कलक्टर ने जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक सहीराम विश्नोई, राजीविका अधिकारी अम्बिका राणावत, महिला अधिकारिता सहायक निदेशक अंकिता राजपुरोहित, अनुजा निगम से मंजुलता, सीएफएल से मुमताज, एफएलसी दिनेश खंडेलवाल, नरेन्द्र दाना, एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों कोे लम्बित प्रकरणों की जानकारी लेकर कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर से इसलिए निर्धारित समय में बकाया प्रकरणों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक के रीजनल मैनेजर हितेश राजपुरोहित ने सामाजिक सुरक्षा योजना के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए अधिकाधिक लोगो को सामाजिक सुरक्षा योजना में जोड़ने की बात कहीं जबकि डीडीएम् नाबार्ड डॉ दिनेश प्रजापति ने संस्थागत जमा को कुल जमा से हटाकर साख अनुपात की गणना के लिए सुझाव दिया।
लीड बैंक अधिकारी उम्मेद राम मीणा ने सभी बैंकर्स को बेहतर ग्राहक सेवा प्रदान करते हुए सभी लंबित ऋण आवेदन पत्रों का निस्तारण आरबीआई के मानक तय समय सीमा में करने का आव्हान किया साथ ही सीएफएल एवं एफएलसी को वित्तीय साक्षरता के बारे में लोगो को जागरूक करने की बात कहीं।
बैठक में जिले की वार्षिक साख योजना रूपये 2947.81 करोड़ 2025-26 का अनुमोदन किया एवं शहर में स्थित पंजाब नेशनल बैंक की दोनों शाखाओ का विलय व राजस्थान मरुधरा ग्रामीण बैंक मालगांव शाखा को नागाणी गाँव में शिफ्ट करने की अनुमति की बात कहीं।