नारीशक्ति वंदन अधिनियम देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम : जिलाध्यक्ष डॉ भंड़ारी
नारीशक्ति वंदन अधिनियम को समर्थन देने के लिए 9667173333 पर मिस कॉल करे : जिलाध्यक्ष डॉ भंड़ारी
सिरोही 12 अप्रैल।
नारीशक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ रक्षा भंड़ारी ने सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश में महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जो भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी एवं सशक्त बनाएगा। उन्होंने नारीशक्ति वंदन अधिनियम को समर्थन देने के लिए मोबाइल से 9667173333 पर मिस कॉल करने की बात कही।
उन्होंने नारीशक्ति वंदन अधिनियम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद भी दिया।
जिलाध्यक्ष डॉ भंड़ारी ने कहा कि यह अधिनियम न केवल महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि समाज में लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देगा। लंबे समय से लंबित इस महत्वपूर्ण विधेयक के पारित होने से देश की आधी आबादी को उनका उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक कानून नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों को उड़ान देने का माध्यम है। मोदी सरकार का यह कदम “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” की भावना को साकार करता है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में आगे आने का अवसर मिलेगा, जिससे नीतियों में उनके दृष्टिकोण और आवश्यकताओं का बेहतर समावेश संभव हो सकेगा।
यह अधिनियम देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में महिलाओं की भूमिका को और अधिक मजबूत करेगा तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
सशक्त नारी, सशक्त राष्ट्र : विकास की नई दिशा
भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर दृष्टिकोण में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। केवल महिलाओं को सशक्त बनाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के माध्यम से समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाने पर केंद्रित हो गया है। यह सोच अब केवल कल्याणकारी योजनाओं या सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि एक समग्र जीवनचक्र के निर्माण पर आधारित है, जिसमें बेटी का जन्म सम्मान के साथ हो, उसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल प्राप्त हों, वयस्क होने पर वह आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बने और जीवन के प्रत्येक चरण में सुरक्षित एवं सशक्त महसूस करे।
प्रस्तुत आंकड़े इस परिवर्तन की सशक्त और स्पष्ट झलक प्रस्तुत करते हैं।
वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के शुभारंभ के बाद से 4.27 करोड़ से अधिक गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को प्रत्यक्ष नकद सहायता प्रदान की गई है। यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक परिवर्तन का संकेत है।
PMMVY योजना के अंतर्गत ₹20,101 करोड़ की राशि लाभार्थियों के सीधे खातों में हस्तांतरित की गई है, जिससे बेहतर पोषण सुनिश्चित हुआ है।
पोषण 2.0 के तहत आज 14 लाख आंगनवाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं, जो प्रतिदिन लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ पहल के माध्यम से जन्म के समय लिंगानुपात वर्ष 2015 के 918 से बढ़कर वर्ष 2025 में 929 हो गया है, जो समाज में सकारात्मक सोच का परिचायक है।
इस मौके पर भाजपा जिला मीडिया प्रभारी रोहित खत्री, जिला उपाध्यक्ष हेमलता पुरोहित, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष दक्षा देवड़ा, कार्यालय मंत्री बाबूसिंह माकरोडा, मंजुला चारण सहित कार्यकर्ता मौजूद थे।